Friday, January 20, 2012

ज़माना ख़ुद सही होता, तो बदल जाते हम.


तू झूठ ही सही, कहता तो, बहल जाते हम,
ज़हर ही देता, तू देता तो, निगल जाते हम..

बड़ा ही सर्द रवैया रहा, तेरा हम से,
ज़रा सी गर्म-दिली से, क्या उबल जाते हम..

तू ही कहता था कि पत्थर हो, तो मज़बूत रहे,
जो तू कह देता हमें मोम, पिघल जाते हम..

तू बाहें खोल खड़ा होता, पार शोलों के,
हाँ चले जाते हम, चाहे तो जल जाते हम..

ये तो अच्छा हुआ, पहले से चोट खाए थे,
नहीं तो इक दफ़ा तो, तुझसे भी छल जाते हम..

है बुरा या के भला, दिल बता ही देता है,
नहीं होता, तो तेरे रंग में, ढल जाते हम..

हमें एहसास ही नहीं हुआ, नशे का कोई,
जो पता होता कि बहके हैं, संभल जाते हम..

बड़ी जल्दी हमें क़ाफ़िर बता दिया, वाइज़,
तेरी मस्जिद में, नहीं आज, तो कल जाते हम..

ज़माना हमको, ज़माने से ग़लत कहता है,
ज़माना ख़ुद सही होता, तो बदल जाते हम..

ज़रा उम्मीद के चक्कर में फंस गए 'घायल',
जो होते नामुराद, कब के निकल जाते हम..

24 comments:

  1. awesome work....just too good...sach mein kisi ka kuch na kehna ya karna humari zindagi jeene ka tareeka badal deta hai....very well written...kash usne yeh kaha hota...:):)

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  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    --
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा आज के चर्चा मंच पर भी की गई है!
    सूचनार्थ!

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  3. तू कहता ही कहता की पत्थर हो तो मज़बूत रहे
    जो तू कह देता हमें मोम, पिघल जाते हम
    Really awesome...

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    1. Bahut bahut shukriya Sandhya ji ..:)

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  4. बड़ी जल्दी हमें काफिर .....

    जमाना हमको जमाने से.....

    बहुत लाजबाब शेर है ये दो तो

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  5. bahut hi behatareen prastuti aditty ji .....bilkul sateek ....abhar ke sath hi badhai.

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    1. Bahut bahut shukriya Naveen ji .. :)

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  6. बड़ा ही सर्द रवैया रहा, तेरा हम से,
    ज़रा सी गर्म-दिली से, क्या उबल जाते हम..

    ज़माना हमको, ज़माने से ग़लत कहता है,
    ज़माना ख़ुद सही होता, तो बदल जाते हम..

    ज़रा उम्मीद के चक्कर में फंस गए 'घायल',
    जो होते नामुराद, कब के निकल जाते हम..

    वाह वाह क्या पुरकशिश अशआर कहे हैं ....बहुत खूब भाई बहुत उम्दा !

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    1. Bahut bahut shukriya Kuldeep bhai.. :)

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  7. awesom work aditya ji
    first time enter ur blog ...........very nice

    rds
    sanjay bhaskar
    http://www.sanjaybhaskar.blogspot.com/

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  8. bahut umda likhte hain aap...aaj pahli baar apke blog par aana hua...or follow bhi kar liya apko...:)...all the best, keep writing

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    1. Bahut bahut shukriya Ranjana ji.. mujhe bahut khushi hai ki apko mera likha pasand aaya.. :)

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