Wednesday, February 1, 2012

तो कुछ बात बने..(Part-4)


बहुत असान है, ईमान बेच कर पैसा,
कोई इज़्ज़त ज़रा कमाए, तो कुछ बात बने..

वो कसम खाके कहे, इश्क़ नहीं है मुझसे,
और मेरी ही कसम खाए, तो कुछ बात बने..

मेरे आगे, वो गालियां दे मुझे, जी भर के,
और पीछे से दे दुआएं, तो कुछ बात बने..

कोई इल्ज़ाम जो मुझपे, लगाए इश्क मेरा,
मेरे ही क्त्ल का लगाए, तो कुछ बात बने..

जिसे अपना समझा, सब उसी ने ज़ख़्म दिए,
कोई अब ग़ैर ही अपनाए, तो कुछ बात बने..

मेरे इज़हार की ग़ज़ल को, बताकर अपनी,
वो किसी और को सुनाए, तो कुछ बात बने..

के बदल जाए, हाथापाई में, तू-तू मैं-मैं,
बात इतनी कोई बढ़ाए, तो कुछ बात बने..

वो जागते हुए तो सच को छुपा लेता है,
जो नींद में ना बड़बड़ाए, तो कुछ बात बने..

सफ़र में दस ही कदम, नौ तो बड़े जम के रखे,
जो आखिरी ना डगमगाए, तो कुछ बात बने..

मैं उसको चाहूं, और वो चाहे और को, उस पर,
ख़त भी मुझसे ही लिखवाए, तो कुछ बात बने..

36 comments:

  1. your writings are just awesome...and now u have got one more name in the list of your fans...:):)

    ReplyDelete
    Replies
    1. Thankuu so much Brindle..
      i m feeling honored.. :D

      Delete
  2. बहुत अच्छी बात... हर बात में बात है...

    ReplyDelete
    Replies
    1. Shukriya sandhya ji..
      Bas baatein hi to hoti hai likhne wale k paas.. aur hota hi kya hai.. :)

      Delete
  3. Welcome to www.funandlearns.com

    You are welcome to Fun and Learns Blog Aggregator. It is the fastest and latest way to Ping your blog, site or RSS Feed and gain traffic and exposure in real-time. It is a network of world's best blogs and bloggers. We request you please register here and submit your precious blog in this Blog Aggregator.

    Add your blog now!

    Thank you
    Fun and Learns Team
    www.funandlearns.com

    ReplyDelete
  4. बहुत सुन्दर गज़ल...सभी शेर अच्छे...
    अच्छा लगा आपका ब्लॉग...
    आज से फोलो करती हूँ...
    आशा है भविष्य में भी अच्छा पढ़ने मिलता रहेगा.
    शुभकामनाएँ.

    ReplyDelete
    Replies
    1. Bahut bahut shukriya vidya ji.. :)

      Delete
  5. आप यक़ीनन बहुत बढ़िया लिखते हैं...लिखते रहें...बधाई स्वीकारें

    नीरज

    ReplyDelete
  6. कल 03/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
    Replies
    1. Naukri se jaldi wapis aaunga sir aur zaroor shamil hounga.. :D
      Shaamil karne k liye bahut bahut shukriya sir.. :)

      Delete
  7. जो आखिरी कदम न डगमगाए, तो कुछ बात बने!
    बहुत ही बढ़िया रचना!

    ReplyDelete
    Replies
    1. Bahut bahut shukriya Madhuresh ji :)

      Delete
  8. ईमान बेच धन कमा लिया, क्या बात हुई
    इज्जत को कमा के दिखलाओ, क्या बात कही
    वो खाके कसम कहें इश्क नहीं, क्या बात हुई
    फिर खाके कसम वो दिखलायें, क्या बात कही........
    कमाल की रचना है आपकी, बहुत ही सुन्दर तरीका

    ReplyDelete
  9. sabhi sher kabile tareef hain...pahla aur antim to ...lajabaab hain.

    ReplyDelete
    Replies
    1. Bahut bahut dhanyawad Rakesh ji :)

      Delete
  10. वाह ...बहुत खूब बेमिसाल लिखा है आपने ...

    ReplyDelete
  11. सारे ही बहुत अच्छे ,पहला और तीसरा बहुत बढ़िया !

    ReplyDelete
    Replies
    1. Bahut bahut shukriya apka..
      mujhe khushi hai ki apko pasand aaye.. :)

      Delete
  12. सुन्दर प्रस्तुति ... हर शेर लाजवाब .

    ReplyDelete
    Replies
    1. Bahut bahut dhanyawaad Sangeeta ji :)

      Delete
  13. bahut hi sundar aur acche srujan hai

    ReplyDelete
  14. कहने को सो जाता हूँ...वाह!! अच्छा लिखा है.

    ReplyDelete
    Replies
    1. Shukriya Nidhi ji..
      Ye comment shayad doorsi post k liye tha.. bhool se yahan daal diya aapne :)

      mujhe khushi hai ki apko pasand aai rachna..:)

      Delete
  15. behadkhuboorat aur imaandar rachna

    ReplyDelete