Friday, June 1, 2012

यही दो दिन तो होते हैं, कि मैं नौकर नहीं होता (शुक्र है..शुक्रवार है..#38)


शुकर है आज शुक्करवार है, घर खुश मैं जाऊंगा,
हंसूंगा, खूब बोलूंगा, थकन सारी मिटाऊंगा..

कोई पिक्चर, कोई नाटक, कोई नॉवल, खबर कोई,
या पत्ते दोस्तों के संग, कोई क्वाटर, बियर कोई,
मैं पूरी रात जागूंगा, सुबह जाकर मैं सोऊंगा,
उठूंगा जब करेगा दिल, नहाऊंगा न धोऊंगा..

न कोई शर्ट, ना ट्राउसर, न कोई बेल्ट, ना जूते,
कोई ढीला सा इक लोअर, टंगी टी-शर्ट जो खूंटे,
मैं खुल के लूंगा अंग्ड़ाई, मैं जी भर के जंभाऊंगा,
जहां खुजली लगेगी, ठीक उस जगहा खुजाऊंगा..

न शाही वेज, न तंदूरी, न कोई और ही धोखा,
मेरे मन में जो आएगा, मेरी थाली में वो होगा,
कहीं से देख रेसीपी, मैं कोई डिश बनाऊंगा,
मिलाके फ़ोन मम्मी को, कहानी फिर सुनाऊंगा..

पुराने दोस्तों से, कुछ पुरानी बात की बातें,
वो कुछ मस्ती भरे किस्से, वो अपनी मौज की रातें,
ज़रा सी देर लम्हों को, मैं कुछ वापस घुमाऊंगा,
किसी को याद कर लूंगा, किसी को याद आऊंगा..

यही दो दिन तो होते हैं, किसी का डर नहीं होता,
यही दो दिन तो होते हैं, कि मैं नौकर नहीं होता,
यही बस सोच कर, फिर से ज़रा दिल को मनाऊंगा,
शुकर है आज शुक्करवार है, घर खुश मैं जाऊंगा..

15 comments:

  1. खुशियाँ मनाइए....
    हँसते हँसते वीकेंड बिताइए...
    :-)

    अनु

    ReplyDelete
  2. हासिये गाइए मौज मनाइए,आज शुक्रवार है,,,,
    बढ़िया प्रस्तुति,सुंदर रचना,,,,,

    WELCOME TO MY RECENT POST ,,,, काव्यान्जलि ,,,, अकेलापन ,,,,

    ReplyDelete
  3. बहुत अच्छा लिखा है हमको भी हंसा दिया इन दो दिन खूब मस्ती करो खुश रहो हमारी भी शुभकामना है

    ReplyDelete
  4. आपकी बनाई हुई डिश भी स्वादिष्ट बने - ज़रा ध्यान से कहीं जल-फुँक न जाय!

    ReplyDelete
  5. वाह ...बेहतरीन

    ReplyDelete
  6. वाह...बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

    ReplyDelete
  7. कल 03/06/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्वागत है .
    धन्यवाद!

    ReplyDelete
  8. This comment has been removed by the author.

    ReplyDelete
  9. weekend ki kalpana ko bahut hi rochak dhang se prastut kiya hai... badhai ho.

    ReplyDelete
  10. कुछ तो खास होना ही चाहिये
    आम तो सारे रहते ही हैं

    ReplyDelete
  11. बहूत हि बढीया .
    वीकेंड बिताये तो ऐसे....
    सुंदर रचना.....

    ReplyDelete
  12. वाह ! छुट्टी आपकी थी ...लुत्फ़ हमने उठाया ....बहुत खूब !

    ReplyDelete
  13. Weekend ka mood sahi capture kiya hai.

    ReplyDelete