Friday, May 18, 2012

शुक्रवार भजन... (शुक्र है..शुक्रवार है..#37)


हे शुक्रवार भगवान..
हे शुक्रवार भगवान..

तू ही हंसाता, पिलाता तू ही है,
तू ही हंसाता, पिलाता तू ही है,
तू ही बस देता आराम..
हे शुक्रवार भगवान..

आई.टी. नौकर, का तू स्वामी,
आई.टी. नौकर, का तू स्वामी,
तेरा ही बस गुणगान..
हे शुक्रवार भगवान..

तू ही चढ़ाए, तू ही उतारे,
तू ही चढ़ाए, तू ही उतारे,
वीकेंड की हर शाम..
हे शुक्रवार भगवान..

तू जब आता, तब खुशी लाता,
तू जब आता, तब खुशी लाता,
ये जीवन तेरे नाम,
हे शुक्रवार भगवान..
हे शुक्रवार भगवान.. !!

4 comments:

  1. बहुत सुंदर रचना,..अच्छी प्रस्तुति

    MY RECENT POST,,,,काव्यान्जलि ...: बेटी,,,,,
    MY RECENT POST,,,,फुहार....: बदनसीबी,.....

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  2. bahut hi shandar
    Thanks
    http://drivingwithpen.blogspot.in/

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  3. वाह ...बहुत ही बढि़या।

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